आप पांच बातों को ध्यान में रखकर सही विषय का चयन कर सकते हैं कक्षा दसवीं के बाद में

दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं के बाद छात्र/छात्राओं में सही स्ट्रीम के चुनाव का बहुत स्ट्रेस रहता है। आये दिन दूर की कोई चाची या भैया सफलता की चाबी  लेकर प्रकट हो जाते हैं और मैथ्स, बॉयोलॉजी, कामर्स या आर्ट्स पढ़ने की सलाह देते हैं। हर किसी के हिसाब से उनके द्वारा बतायी स्ट्रीम का भविष्य में ज़बरदस्त स्कोप होता है। पर क्या ऐसा असल में हो पाता है? निश्चित तौर पर डॉक्टर जैसा पेशा चुनना एक सुरक्षित भविष्य के सपने दिखाता है पर यह चुनाव किसी ऐसे छात्र/छात्रा जो कि कामर्स या आर्ट्स पढ़ना चाहते हैं उनके लिये लोहे के चने चबाने जैसा है। तो यहाँ हम आपको वो पाँच तरीके बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आपको दसवीं के बाद स्ट्रीम चुनने में आसानी होगी :

1. अपने बारे में जानना

अपने बारे में जानना 

हमेशा वो बनो जो तुम बनना चाहते हो न कि जो दुनिया चाहती है”,

इस कथन को अनगिनत बार आपने सुना होगा पर अब समय आ गया है कि आप इसे अपने जीवन में लागू करें। क्या आपको शरीर की बनावट समझने का जी करता है ? या इंजन कैसे काम करता है ये आपको जानना है? खुद से ढेरों सवाल पूछें और आत्मनिरीक्षण करें कि कौन सा काम आपको आकर्षित करता है।

इसके अलावा आप हमारे स्ट्रीम सेलेक्टर टेस्ट की मदद से अपनी इस मुश्किल को आसान कर सकते हैं।

2. कैरियर की संभावनाओं / स्कोप का पता करना

कैरियर की संभावनाओं / स्कोप का पता करना

उज्जवल भविष्य के लिये सही स्ट्रीम चुनना इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भविष्य में आपकी चुनी हुई स्ट्रीम का दायरा आपके लिए सदा उपयोगी होना चाहिये। इसलिए आपके लिए यह जाँचना महत्वपूर्ण है कि आपके द्वारा चुनी गई स्ट्रीम भविष्य में मंदी का शिकार ना हो जाये। यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि आपकी चुनिंदा स्ट्रीम इंडस्ट्री में अच्छा करेगी या उसकी माँग भविष्य में घटेगी?

3. मैं (कॉउंसलर) आपकी मदद कैसे कर सकता हूँ ?

 मैं (कॉउंसलर) आपकी मदद कैसे कर सकता हूँ ?

एक काउंसलर से उचित सलाह आपके लिए बहुत ही मददगार हो सकता है! आप स्कूल में अपने टीचर्स  के साथ बात करें, क्योंकि वे आपकी क्षमताओं को जानते हैं। एक योग्य पेशेवर काउंसलर आपके दिमाग में उपजे कन्फ़्यूज़न को साफ करने में आपकी मदद कर सकता है। कभी-कभी आपके और आपके माता-पिता के बीच अलग-अलग स्ट्रीम चुनने को लेकर एक अलग दृष्टिकोण भी हो सकता है। ऐसे में एक काउंसलर आपके और आपके माता-पिता के बीच एक पुल का काम भी कर सकता है।

आप हमारे काउंसीलिंग अनुभव के लिए info@cpstown.com पर एक मेल भी भेज सकते हैं और अपनी सभी चिंताओं का समाधान पा सकते हैं।

4. एक फील्ड ट्रिप पर जाएं (स्ट्रीम से सम्बंधित)

एक फील्ड ट्रिप पर जाएं (स्ट्रीम से सम्बंधित)

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था कि  “ज्ञान का एकमात्र स्रोत अनुभव है”। इसलिए, आप अपनी पसंदीदा स्ट्रीम की  दुनिया को देखें, वहाँ की ऊर्जा का अनुभव करें, देखें कि आप उस दुनिया से संबंधित हैं जिसे आपने अपने लिए चुना है या नहीं! आप उन विभिन्न कठिनाइयों के बारे में बात करें जो आपके पसंदीदा क्षेत्र के नामी लोगों को  सामना करनी पड़ी हैं। यह प्रक्रिया आपको और आपके कैरियर को मजबूत बनाने में मदद करेगी।

5. दिल की सुने या दिमाग़ की (Emotional Quotient or Intelligence Quotient) ?

दिल की सुने या दिमाग़ की (Emotional Quotient or Intelligence Quotient) ?

आंकड़ों के अनुसार, आपका IQ आपके सफल करियर में सिर्फ़ 20% भागीदारी देता है  जबकि आपके जीवन में 80% सफलता आपके EQ द्वारा की जाती है। अपने मन से लिए गये निर्णय आपको हमेशा सफलता के पथ पर आगे बढ़ने में मदद करते हैं । इसलिए बौद्धिक क्षमता के साथ भावनात्मक बौद्धिक क्षमता का होना भी बहुत  ज़रूरी है ।

आप अपने सुंदर भविष्य के निर्माता हैं, इसलिये अपने निर्णय का हमेशा ध्यान रखें और अपने शानदार भविष्य का निर्माण करें ।

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